भारी बारिश पर हाई अलर्ट, घग्गर उफान पर, जनजीवन प्रभावित

जिला में दो दिन से हो रही तेज बारिश के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पंचकूला से गुजरने वाली नदी-नाले उफान पर हैं। घग्गर में जल स्तर बढ़ गया है। सुखना झील के गेट खुलने के बाद राजीव एवं इंदिरा कालोनी के अलावा सेक्टर 19 से गुजरने वाले नालों में भी पानी का बहाव बढ़ गया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार शनिवार से शुरू हुई बारिश सोमवार को पूरा दिन जारी रही। इससे सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा है। स्कूलों में आज बच्चों की उपस्थित अन्य दिनों के मुकाबले कम रही। बाजारों से रौनक गायब थी। बहुत कम लोग घरों से बाहर निकले। सड़कों पर भी आम दिनों के मुकाबले कम वाहन नजर आये। सेक्टर 19 में नगर निगम द्वारा पानी खड़ा होने की आशंका के चलते फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहले ही लगा दी गई थी। नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह के अनुसार पंचकूला शहर में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। सेक्टर 19 में पहले से ही अहतियात बरती जा रही है। हालांकि सुखना के गेट खोलने से यहां पानी भरने की आशंका पैदा हो गई है। वहीं घग्गर नदी भी आज पूरे उफान पर रही। उपायुक्त मुकुल कुमार ने डीआरओ के साथ घग्गर नदी एवं आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया। लोगों से घग्गर के पास न जाने की अपील की गई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि जिला स्तर पर जिला सचिवालय (डी) के तहसील भवन में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जिसका दूरभाष नंबर 0172-2562135 व 0172-2568311 है। उपमंडल स्तर पर उपमंडल अधिकारी (ना.) पंचकूला के बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 0172-2561685, कालका का नंबर 01733-220500 है। पंचकूला में तहसील स्तर पर स्थापित किए गए बाढ़ नियंत्रण कक्ष (बी) का दूरभाष नंबर 0172-2562135 और तहसीलदार कालका कार्यालय स्थित नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 01733-220501 है। बीडीपीओ पिंजौर के कार्यालय में खंड स्तर पर स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष (ए) का दूरभाष नंबर 01733-220046 है। नगर निगम द्वारा शहरी क्षेत्र पंचकूला, कालका व पिंजौर के लिए स्थापित बाढ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 0172-2583794 है।रामदरबार में बीते वीरवार को हमले में गोली लगने से जख्मी हुए युवक बंटी की रविवार को मौत हो गई। पीजीआई में आज सुबह बंटी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यूटी पुलिस ने वारदात में शामिल आरोपियों पर हत्या की धारा जोड़ते हुए उनकी पड़ताल जारी रखी। पुलिस का कहना है कि हत्यारों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
रामदरबार के फेज 2 के समीप वीरवार शाम करीब पौने छह बजे अज्ञात लोगों ने तीस वर्षीय बंटी को गोली मारी थी जो युवक के कंधे में लगी। वारदात के समय मृतक बंटी की पत्नी भी उसके साथ थी। हमले में किसी तरह उसने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया कि बंटी ने अपने जानकार रामकुमार के साथ करीब डेढ़ महीने पहले रामदरबार फेज 2 के एक मकान के तीसरे माले को किराए पर लिया था। पुलिस बंटी के जानकार गौरव और मुन्ना की भी तलाश में है। बंटी ने उन्हें मकान खाली करने के लिए कहा था। इन दोनों के नाम बंटी की पत्नी से पूछताछ में सामने आए हैं। पुलिस ने बंटी पर हमलाकर फरार हुए आरोपियों की तलाश में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी सर्च की लेकिन उनका कुछ पता नहीं लग सका। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि मुन्ना और गौरव मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं जबकि रामकुमार यूपी के इटावा निवासी है। बे अरसे से चंडीगढ़ वासियों के लिए मुसीबत बन चुकी जर्जर सड़कों की दशा जल्द सुधरने की उम्मीद है। प्रशासन से सड़कों की रिकार्पेटिंग के लिए फंड रिलीज करने संबंधी की मांग जल्द पूरी हो सकती है। पिछले दो महीनों से मानसूनी बरसात से सड़कें जर्जर हो चुकी हैं और हादसों का डर लगातार बना हुआ है। हालांकि निगम मानसून समाप्त होते ही सड़कों की रिकार्पेटिंग काम शुरू करने का दावा कर चुका है।
सांसद किरण खेर ने नगर प्रशासक वीपी सिंह बदनोर से रविवार को सड़कों की मरम्मत के लिए फंड देने की मांग की है। निगम के पास फंड न होने की वजह से सड़कों की मरम्मत के काम लंबे अरसे से लटके पड़े हैं। बदनोर से सेक्टर 18 स्थित टैगोर थिएटर में एक कार्यक्रम के दौरान खेर ने मेयर देवेश मौदगिल की मौजूदगी में प्रशासक को शहर की खस्ताहाल सड़कों के बारे में अवगत करवाया। खेर ने प्रशासक से कहा कि शहर के कई सेक्टरों की सड़कों की हालत बहुत खराब हो चुकी है और सड़कों पर गड्ढे होने के कारण लोगों को दिक्कत आ रही है।
उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन नगर निगम को सड़कों की रिकार्पेटिंग के लिए फंड दे देता है तो इससे लोगों की दिक्कतें दूर की जायेंगी। बदनोर ने खेर को आश्वासन दिया कि वह इस मामले में जल्द सहायता करेंगे।
लंबे समय से लंबित है रिकार्पेटिंग
ध्यान रहे कि निगम के पास फंड न होने के कारण सड़कों की रिकार्पेटिंग काम लंबे समय से लंबित है। हालांकि नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग ने कुछ सड़कों की रिकार्पेटिंग का बजट भी तैयार किया था, लेकिन फंड की कमी के कारण काम शुरू नहीं हो सका। पार्षद भी प्रशासन से सड़कों की रिकार्पेटिंग के लिए फंड देने की मांग कर चुके हैं।

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